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राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS-2) 2026: पात्रता, स्टाइपेंड, आवेदन प्रक्रिया एवं पूरी जानकारी

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)

Short Information

राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना-2 (National Apprenticeship Promotion Scheme-2 - NAPS-2) भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में काम सीखने (Apprenticeship Training) का अवसर देना तथा प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड (वजीफा) उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत सरकार प्रशिक्षुओं को स्टाइपेंड का एक हिस्सा सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजती है। यह योजना 25 अगस्त 2023 से नई गाइडलाइन के अनुसार लागू है।

योजना का उद्देश्य

  • युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराना।
  • पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार योग्य कौशल विकसित करना।
  • उद्योगों को अधिक से अधिक अप्रेंटिस रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • MSME, छोटे उद्योगों एवं पिछड़े क्षेत्रों में अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देना।
  • विभिन्न सरकारी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित युवाओं को आगे प्रशिक्षण का अवसर देना।

पात्रता

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी—
  • अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए।
  • खतरनाक उद्योगों (Hazardous Trades) के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
  • संबंधित ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है।
  • अभ्यर्थी का अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए।
  • सरकारी स्टाइपेंड सहायता प्राप्त करने के लिए सामान्यतः पंजीकरण के समय अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।

प्रशिक्षण अवधि

  • ट्रेड के अनुसार प्रशिक्षण की अवधि अलग-अलग हो सकती है।
  • 6 माह
  • 9 माह
  • 12 माह
  • विशेष परिस्थितियों में मंत्रालय की अनुमति से प्रशिक्षण अवधि 1 वर्ष से अधिक भी हो सकती है।

प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले लाभ

  • उद्योग में वास्तविक कार्य का अनुभव।
  • मासिक स्टाइपेंड।
  • अनुभवी कर्मचारियों से प्रशिक्षण।
  • प्रशिक्षण पूरा होने पर राष्ट्रीय स्तर का अप्रेंटिसशिप प्रमाणपत्र।
  • भविष्य में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • आधार से लिंक बैंक खाता

आवेदन कैसे करें?

  • अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर जाएं।
  • नया पंजीकरण (Registration) करें।
  • अपनी व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक जानकारी भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • उपलब्ध अप्रेंटिसशिप अवसर खोजें।
  • अपनी पसंद के पद पर आवेदन करें।
  • चयन होने पर अप्रेंटिसशिप अनुबंध पूरा करें।
  • निर्धारित तिथि पर प्रशिक्षण प्रारम्भ करें।

महत्वपूर्ण बातें

  • यह योजना स्थायी सरकारी नौकरी नहीं है।
  • अप्रेंटिस को प्रशिक्षणार्थी माना जाता है, नियमित कर्मचारी नहीं।
  • प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी की गारंटी नहीं होती।
  • सफल प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
  • योजना Apprentices Act, 1961 के नियमों के अनुसार संचालित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न 1. NAPS-2 क्या है?
  • यह भारत सरकार की अप्रेंटिसशिप योजना है, जिसके माध्यम से युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण और स्टाइपेंड दिया जाता है।
  • प्रश्न 2. इस योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
  • 14 वर्ष या उससे अधिक आयु का पात्र अभ्यर्थी, जो संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखता हो।
  • प्रश्न 3. सरकार कितनी स्टाइपेंड सहायता देती है?
  • सरकार स्टाइपेंड का 25% (अधिकतम ₹1,500 प्रति माह) देती है।
  • प्रश्न 4. क्या प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नौकरी मिलना निश्चित है?
  • नहीं, प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नौकरी की गारंटी नहीं होती।
  • प्रश्न 5. सरकार का स्टाइपेंड कैसे मिलता है?
  • सरकार का हिस्सा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाता है।

स्टाइपेंड (वजीफा)

  • अप्रेंटिस को स्टाइपेंड संबंधित संस्थान/कंपनी द्वारा दिया जाता है।
  • भारत सरकार स्टाइपेंड का 25% हिस्सा प्रदान करती है।
  • सरकार द्वारा अधिकतम ₹1,500 प्रति माह तक की सहायता दी जाती है।
  • सरकार का हिस्सा सीधे अभ्यर्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है।